पद्मश्री भजन सम्राट अनूप जलोटा जी विशेषांक #### *भजन सम्राट का सफर* संगीत को साधना और भक्ति को आवाज देने वाले *पद्म श्री पंडित अनूप जलोटा जी* का नाम आते ही मन में शांति और भक्ति का भाव उतर आता है। 29 जुलाई 1953 को नैनिताल में जन्मे अनूप जी ने अपने पिताजी *पं. पुरषोत्तम दास जलोटा* से संगीत की पहली शिक्षा ली और अग्रा घराने में तालीम पूरी की। 1975 से शुरू हुआ उनका सफर आज 50 साल से ज्यादा का हो चुका है। “ऐसी लगन लगा ली”, “रंग दे चुनरिया”, “तूने मुझे बुलाया शेरावाली” – हर भजन में उन्होंने भगवान को इतने करीब ला दिया कि श्रोता खुद को भक्ति में डूबा महसूस करता है। #### *पद्म श्री से सम्मानित* 2012 में भारत सरकार ने कला और संगीत के क्षेत्र में उनके अतुल्य योगदान के लिए *पद्म श्री* से सम्मानित किया। सफेद कुर्ता-पाजामा, गले में तुलसी माला और माथे पर तिलक – यही उनकी पहचान है। #### *गौ सेवा और सनातन के प्रचारक* अनूप जलोटा जी सिर्फ गायक ही नहीं, सनातन संस्कृति के प्रचारक भी हैं। उन्होंने कई बार कहा है – _”भजन गाना सेवा है और गौ सेवा सबसे बड़ी सेवा है”_। देशभर की गौशालाओं के लिए उन्होंने कई चैरिटी कंसर्ट किए हैं। #### *IHRCCO INDIA के राष्ट्रीय अध्यक्ष (मीडिया) मनोज वर्मा (स्वतंत्र) श्री ब्रज मोहन शर्मा जी (लटेरी भोपाल)श्री आर.के.शर्मा जी भोपाल मध्य प्रदेश का संदेश:* > _”अनूप जलोटा जी ने भजनों के माध्यम से करोड़ों लोगों के दिलों में भक्ति जगाई है। उनकी आवाज में वो शांति है जो आज के समय में बहुत जरूरी है। IHRCCO INDIA ऐसे महान कलाकार कोटि-कोटि नमन करता है। हम प्रार्थना करते हैं कि उनकी आवाज यूं ही सनातन को गूंजाती रहे। जय गौ माता, जय श्री राम।”_ #### *उनके 5 अमर भजन जो दिल को छू जाते हैं:* 1. *ऐसी लगन लगा ली* – कृष्ण भक्ति का पर्याय 2. *रंग दे चुनरिया* – देवी भक्ति का प्रतीक 3. *मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है* – आस्था का गीत 4. *तूने मुझे बुलाया शेरावाली* – नवरात्रि की शान 5. *मैं नहीं माखन खायो* – बाल कृष्ण की लीला *”भजन से बड़ी कोई दवा नहीं, और गौ सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं”* – यही अनूप जलोटा जी का जीवन मंत्र है। Post Views: 6 Post navigation *अमित शाह यूथ ब्रिगेड के महासचिव बने मोहित नवानी जी* मनोज वर्मा (स्वतंत्र) ने दिल्ली पहुंच कर दी बधाई एवं शुभकामनाएं,संगठन को लेकर हुई खास चर्चा।