प्रथम 10 तक न्यूज़ पंचूराम ध्रुव बस्तर संभाग ब्यूरो चीफ* img src=”http://pratham10taknews.in/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260701-WA0508-300×140.jpg” alt=”” width=”300″ height=”140″ class=”alignnone size-medium wp-image-7344″ /> *धान के साथ दलहन-तिलहन की भी करें खेती, खेत के मेड़ों में मुनगा पौधा लगाएं* उत्तर बस्तर कांकेर, 01 जुलाई 2026/ प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर में किसान संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि धान के साथ अन्य लाभकारी फसलों दलहन-तिलहन की भी खेती किया जावे। कम पानी एवं कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों की खेती करें, इससे पानी की बचत होगी और फायदा भी ज्यादा मिलेगा। खेत के मेड़ों में मुनगा का पौधा लगाने के साथ ही अरहर की खेती करने तथा मिश्रित खेती को अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि खेती के साथ-साथ मछलीपालन, मुर्गीपालन और पशुपालन भी किया जाए। घर-घर में गाय का पालन हो, इससे घर की जरूरत भी पूरी होगी, अतिरिक्त आमदनी होगी, जिससे समृद्धि आएगी तथा शरीर स्वस्थ्य व निरोग रहेगा। रासायनिक खाद के अधिकाधिक उपयोग से धरती की उर्वरा शक्ति कम हो रही है, किसान भाई जैविक खेती को अपनाएं। नील हरित खाद का उपयोग करें। सरकार किसानांे को हरसंभव मदद उपलब्ध करा रही है। ऐसे किसान जिन्होंने पिछले खरीफ सीजन में धान की फसल ली थी और इस वर्ष खरीफ में वहां पर धान के बदले अन्य फसल दलहन-तिलहन, मक्का की खेती करते हैं तो उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रति एकड़ 15 हजार रूपए की आदान सहायता दी जाएगी। कार्यक्रम में विधायक कांकेर श्री आशाराम नेताम, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित कृषि विभाग व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इस अवसर पर उनके द्वारा किसानों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन तथा आत्मनिर्भरता दलहन-तिलहन मिशन अंतर्गत किसानों को दलहन बीज का वितरण भी किया गया। कृषि मंत्री श्री नेताम ने कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर में लक्ष्मी स्व सहायता समूह द्वारा किए जा रहे मिलेट प्रोसेसिंग कार्य का भी अवलोकन किया। स्वसहायता समूह के सदस्य महिलाओं से चर्चा करते हुए उन्होंने कोदो, कुटकी, रागी की प्रोसेसिंग एवं उसकी मार्केटिंग की जानकारी ली। समूह के सदस्यों ने बताया कि मिलेट प्रोसेसिंग से समूह के प्रत्येक सदस्य को प्रतिमाह लगभग छह से सात हजार रूपए की आमदनी हो जाती है। मंत्री श्री नेताम ने समूह की आय आय बढ़ाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के मेड़ों में चार चिरौंजी का पौधा रोपण करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। साथ ही उन्हें मिलेट प्रोसेसिंग के समय डेªस और टोपी पहनने की सलाह भी दी। कड़कनाथ हेचरी का अवलोकन करते हुए उन्होंने कड़कनाथ पालन के लिए किसानों को प्रशिक्षण और चूजों के विक्रय के संबंध में कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों से जानकारी भी ली। इस अवसर पर मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री आशाराम नेताम सहित अधिकारियों ने कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में नारियल के पौधे का रोपण किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर कांकेर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, संचालक कृषि श्री राहुल देव, संचालक पशुधन विकास विभाग श्री चंद्रकांत वर्मा, संचालक मछलीपालन श्री नारायण सिंह नाग, जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी, एसडीएम कांकेर श्री अरूण वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री बीरबल साहू, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. नितिन रस्तोगी, कृषि वैज्ञानिक नरेन्द्र तायड़े, उप संचालक कृषि जितेन्द्र कोमरा, पशुधन विकास विभाग के उप संचालक डॉ. सत्यम मित्रा, सहायक संचालक मछलीपालन एस.एस. कंवर सहित कृषक गण मौजूद थे। मनोज वर्मा स्वतंत्र प्रधान संपादक 8689975743 Post Views: 8 Post navigation *सहकारी संस्थाओं के समन्वय से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर* *मुंबई के शिकारा होटल में बड़ी मुलाकात: भजन सम्राट पद्मश्री अनूप जलोटा से मिले वरिष्ठ पत्रकार मनोज वर्मा (स्वतंत्र)*