*नगरनार के तीन बच्चों के तालाब में डूबने की सूचना मिलते ही पहुंचे विधायक रेखचंद जैन


*

जगदलपुर। गुरुवार दोपहर को संसदीय सचिव व जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन को जैसे ही यह सूचना मिली कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के तीन बच्चों की नगरनार में तालाब में डूबने से मौत हो गई है, वे तुरंत ही जिला मुख्यालय के महारानी अस्पताल पहुंच गए। श्री जैन विधायक कार्यालय में सुबह से जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र से आए लोगों की मांग सुन रहे थे। दोपहर लगभग 2.30 बजे उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी मिली। इसकी तस्दीक नगरनार के युवा नेता जलंधर बघेल से कर वे अपने सहयोगियों के साथ तुरंत महारानी अस्पताल पहुंच गए। उन्होने पीड़ित परिवार के लोगों व वहां पहुंचे कलेक्टर चंदन कुमार से चर्चा की। पीड़ित परिजनों को ढाँढ़स बंधाते कहा कि- ” नियति को शायद यही मंजूर था। इस अनहोनी का सामना करने के लिए स्वयं को मजबूत करें। बच्चे जीवन भर का दुख देकर चले गए हैं। ”

श्री जैन ने कलेक्टर से परिजनों को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने कहा।

इस दौरान श्री जैन के साथ नगरनार सरपंच लैखन बघेल, जलंधर बघेल, जनपद उपाध्यक्ष जीशान कुरैशी, पार्षदद्वय सूर्या पाणि व दयाराम कश्यप, कमलसाय तथा अन्य मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

*ग्राम पंचायत मसोरा में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिकों के लिए विधिक जागरूकता शिविर* *प्रथम १० तक न्यूज़ रानू ध्रुव जिला ब्यूरो चीफ कोंडागांव* *कोण्डागांव 01 मई 2026/* अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली/राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के दिशा निर्देशानुसार एवं *माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव श्री खिलावन राम रिंगरी* के मार्गदर्शन एवं *सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव कु० गायत्री साय* के नेतृत्व में *प्रतिधारक अधिवक्ता श्री सुरेन्द्र भट्ट एवं अधिकार मित्र रंजन बैध व लोकेश यादव* के द्वारा ग्राम पंचायत मसोरा में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के श्रमिकों, कृषकों, महिलाओं एवं असंगठित क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों को उनके विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता करना था। कार्यक्रम के दौरान *प्रतिधारक अधिवक्ता श्री सुरेन्द्र भट्ट* ने बताया कि प्रत्येक श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन प्राप्त करने का अधिकार है तथा किसी भी प्रकार के शोषण के विरूद्ध वह विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है। साथ ही न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, कार्यस्थल पर सुरक्षा, बोनस, मातृत्व लाभ, पेंशन योजनाएं तथा श्रमिकों के लिए उपलब्ध विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए, श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल में पंजीयन के लाभों, आयुष्यमान भारत योजना एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही महिला श्रमिकों के लिए विशेष सत्र आयोजन किया गया, जिसमें कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संरक्षण, मातृत्व अवकाश एवं महिला सुरक्षा कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर सरपंच, सचिव व बड़ी संख्या में युवा, महिलाओं एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।