प्रथम 10तक न्यूज चैनल समाचार दुर्गुकोंदल:- जिला आयुष अधिकारी काँकेर के मार्गदर्शन तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर कोदापाखा के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय योगासन शिविर का आज समापन हुआ। इस शिविर ने सामुदायिक सहभागिता का एक अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत किया। मात्र 235 की आबादी वाले ग्राम में से लगभग 200 लोगों ने नियमित रूप से इस शिविर में भाग लेकर एक नया रिकॉर्ड बनाया। यह आंकड़ा स्वयं इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति कितनी गंभीर चेतना जागृत हुई है। समापन अवसर पर योग प्रशिक्षक श्री संजय वस्त्रकार के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सामूहिक नृत्य और सूर्य नमस्कार का किया, यह दृश्य किसी बड़े महोत्सव जैसा था, क्योंकि पूरा गाँव का 85% से अधिक सहभागिता ने इस शिविर की उपयोगिता सिद्ध करते हुए पूरे वातावरण में ऊर्जा का संचार कर दिया। इस अवसर पर वस्त्रकार ने स्वस्थ जीवनशैली के दो मूल आधारों – योग और आहार – पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि “स्वस्थ रहने के लिए ‘पांच जहर’- अति नमक, अति चीनी, अति तेल (खासकर रिफाइंड), अति मसाला और प्रसंस्कृत (प्रोसेस्ड) भोजन से दूरी बनाना आवश्यक है।” उन्होंने समझाया कि इन पदार्थों की अधिकता शरीर में विषैले तत्वों का संचार करती है, जो मधुमेह, उच्च रक्तचाप,थायरॉइड और पाचन संबंधी रोगों का प्रमुख कारण बनती है। इसके स्थान पर ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी के सेवन पर ध्यान देने की सलाह दी। औषध पौधा ‘निर्गुंडी’ को प्राकृतिक चमत्कार बताते हुए इसके बहुआयामी उपयोग और लाभों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इसके पत्तों का काढ़ा बुखार, जुकाम और जोड़ों के दर्द में राहत देता है व सिरदर्द और माइग्रेन में प्रभावी है, तथा इसके तेल का प्रयोग सिरदर्द, गठिया के दर्द और मांसपेशियों की अकड़न को दूर करने के लिए स्थानिक मालिश के रूप में किया जा सकता है। उन्होंने इसे त्रिदोष में वात व कफ निवारक बताया। इस जानकारी को व्यावहारिक रूप देते हुए आयोजकों ने समापन समारोह में उपस्थित लोगों के बीच निर्गुंडी के पौधों का वितरण भी किया, ताकि वे इसे घर पर उगाकर इसके लाभ उठा सकें। योगाभ्यास के पश्चात समापन कार्यक्रम की शुरुआत आयुष्मान आरोग्य मंदिर के अधिकारी डॉ. के. वी. गोपाल के स्वागत उद्बोधन से हुई। डॉ. गोपाल ने कहा,”इतनी बड़ी संख्या में लोगों का आयोजन में शामिल होना यह साबित करता है कि आयुष पद्धतियों में लोगों का विश्वास बढ़ रहा है। यह हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह शिविर केवल आसन सीखने तक सीमित नहीं था, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति समग्र दृष्टिकोण विकसित करने का एक प्रयास था। आयुष पद्धतियां हमारी दैनिक जीवनचर्या का हिस्सा बननी चाहिए।” मुख्य अतिथि अनूपा नरेटी सरपंच, ग्राम पंचायत बाँगाचार ने कहा कि इस शिविर से हमारे छोटे से गाँव ने आज एक बड़ा संदेश दिया है। 200 प्रतिभागियों का आंकड़ा हमारी सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है। मैं हर उस परिवार का आभारी हूँ जिसने इस शिविर को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।” इस सफल शिविर के आयोजन के लिए आयोजकों और कोदापाखा आयुर्वेद औषधालय के समस्त कर्मचारियों के अथक परिश्रम व सहयोग की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा, “जब गाँव की महिलाएं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होंगी, तो पूरा परिवार और फिर पूरा गाँव स्वस्थ होगा। यह शिविर केवल योग सिखाने नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक स्वास्थ्यपूर्ण पाठ पढ़ाने आया था, और इसमें हम सफल रहे हैं।”इस अवसर पर क्षेत्र के गौरव राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी संदीप नेताम का स्मृति चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया। साथ ही, श्री संजय वस्त्रकार को उनकी योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में किए गए प्रयासों के लिए आचार्य बालकृष्ण लिखित पुस्तक “जड़ी बूटी रहस्य” से सम्मानित किया गया, जो पारंपरिक ज्ञान के प्रसार में उनके योगदान को रेखांकित करेगा। शिविर के दौरान शिवप्रसाद बघेल योग शिक्षक द्वारा प्रतिदिन विभिन्न आसन, प्राणायाम और ध्यान की विधियां सिखाई गईं। समापन पर लव ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में लव, रुद्र की टीम व पिंकी प्रेरणा की टीम जमकर थिरके और सभी का मन मोह लिया।अंत मे औषधालय कर्मचारियों सविता केमरो, जगदीश मरकाम व डॉ के वही गोपाल को ग्रामवासियों द्वारा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर सानू राम नेताम,राम दुलार कोवाची शिकारी राम कोवाची, मोंगरे बाई कोवाची,रामकिशोर कोवाची,राजकुमार कोवाची,रामनाथ कोवाची,मोहपा राम कोवाची, अनीषा कोवाची,लछनी कोवाची, राय सिंह नेताम, खेमराज साहू, भारत भंडारी, रमन कुलदीप,फूल सिंह कोवाची, निर्मल कोवाची व सैकड़ो जन समुदाय उपस्थित रहे। मनोज वर्मा (स्वतंत्र) प्रधान संपादक राष्ट्रीय दैनिक शेट्टी टाइम्स समाचार पत्र , प्रथम 10तक न्यूज 8689975743 Post Views: 78 Post navigation मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में प्रांजल सेवा समिति द्वारा जरूरत मंद लोगों को तिल का लड्डु एवं कंबल वितरण किया गया ।