समाचार मुंबई महाराष्ट्र।* विश्व पर्यावरण दिवस पर ख़ास पर्यावरण बचाओ, गौ माता बचाओ, समाज जगाओ का नारा बुलंद करने वाले वरिष्ठ पत्रकार *मनोज वर्मा “स्वतंत्र”* का मुंबई की धरती पर ऐसा सम्मान हुआ कि पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा! मुंबई में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मान समारोह में मनोज वर्मा को *“पर्यावरण रत्न एवं समाजसेवा शिरोमणि”* की उपाधि से नवाजा गया। मंच पर जैसे ही उनका नाम पुकारा गया, समाज सेवा, गौ सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके वर्षों के काम की गूंज पूरे हॉल में सुनाई दी। *क्यों बने मनोज वर्मा “खास”* – सैकड़ों वृक्षारोपण अभियान चलाकर छत्तीसगढ़ एवं मुंबई,नवी मुंबई को हरा-भरा करने वाले मनोज वर्मा ने पत्रकारिता को भी पर्यावरण की आवाज बनाया। – गौ रक्षा और गौशालाओं के उत्थान के लिए कलम से लेकर मैदान तक संघर्ष करने वाले मनोज वर्मा “स्वतंत्र” को लोग “गौ भक्त पत्रकार” के नाम से जानते हैं। – बाढ़, सूखा, गरीबों की मदद से लेकर नशा मुक्ति अभियान तक, समाजसेवा में उनका नाम सबसे आगे रहता है। सम्मान लेते समय मनोज वर्मा ने कहा: *“ये सम्मान मेरी गौ माता, मेरे पर्यावरण और मेरे छत्तीसगढ़ की जनता को समर्पित है। जब तक सांस है, कलम और कर्म दोनों से समाज की सेवा करता रहूंगा।”*पर्यावरण की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है आप ज्यादा नहीं लगा सकते मत लगाइए मात्र एक वृक्ष अपने माता पिता गुरुजन के नाम जरूर लगाएं। और संकल्प ले कि उसे अपने बच्चों की तरह पालन पोषण करें जिस प्रकार एक माता – पिता अपने बच्चों का पालन पोषण करते है आप देखिए देश भर में हरियाली ही हरियाली होगी। सभी देशवासी संकल्प ले एक पेड़ मां (परिवार) के नाम लगाना है पर्यावरण को बचाना है। मुंबई के दिग्गजों से भरे मंच पर मनोज वर्मा का सम्मान देखकर छत्तीसगढ़ का नाम भी गर्व से ऊंचा हो गया। सोशल मीडिया पर #GauBhaktManojVerma ट्रेंड कर रहा है। पत्रकारिता में निष्पक्षता और समाजसेवा में समर्पण का दूसरा नाम है मनोज वर्मा “स्वतंत्र”। मुंबई में मिला ये सम्मान उनके जज्बे का सबूत है कि अगर नीयत साफ हो तो गांव का पत्रकार भी राष्ट्रीय मंच पर छा जाता है। Post Views: 3 Post navigation कुर्मी समाज के सभी वर्ग एकजुट हुए तो महाराष्ट्र में बनेगी नई शक्ति : एल. पी. पटेल