दुर्ग:- छत्तीसगढ़ की पंडवानी गायन विधा को देश-विदेश तक पहुंचाने वाली पद्मश्री, पद्मविभूषण, पद्मभूषण जैसे राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित डॉ. तीजनबाई आज सहायता की मोहताज हो गई हैंतीजनबाई जब मंच में पुरे आत्मविश्वास के साथ हुंकार भरते हुए पंाडवों की था कापलिक शैली में सुनाती तो बजने वाली तालियां रूकने का नाम नहीं लेती.आज खुद ऐसे महारथी कलाकार डॉ. तीजनबाई की आवाज फीकी पड़ती जा रही हैं दुर्ग जिले के गनियारी गांव की रहने वाली पारधी समाज की तीजनबाई देश की एकमात्र महिला है जिन्हें पद्मश्री, पद्मविभूषण और पद्मभूषण मिला है. तीजनबाई ने अपना जीवन पंडवानी गायन विधा को समर्पित कर दिया. बता दें कि तीजनबाई कुछ समय से लकवा की वजह से बिस्तर पर है. उन्हें ब्लडप्रेश की भी समस्या है. उनके क्षेत्र के विधायक रिकेश सेन ने कहा उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. ऐसे में उन्होंने इस माह के मानेदय से एक लाख रूपए तीजनबाई के उपचार और दवा के लिए देने की घोषणा की है. Post Views: 187 Post navigation तिल्दा नेवरा में अवैध शराब बिक्री करते पकड़े गए आरोपी……. रायगढ़ जिले के खालापुर तालुका में यातायात में अवैध ओवरलोडिंग — हो रहा सड़कों को नुकसान…