Post Views: 179 Post navigation छत्तीसगढ़ में विश्व अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पंडित मोहित नवानी जी के आदेशानुसार एवं राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर मीडिया सेल में वर्मा जी के मार्गदर्शन में विश्व अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया गया। विश्व अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस समाचार रायपुर 10 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन संगठन के ब्रांड एंबेसडर एवं चेयरमैन पंडित मोहित नवानी जी के आदेशानुसार एवं राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर मीडिया सेल मनोज वर्मा स्वतंत्र जी के मार्गदर्शन में रायपुर छत्तीसगढ़ में संगठन के सदस्यों एवं छत्तीसगढ़ पत्रकार जनकल्याण संगठन ,प्रथम दस्तक न्यूज चैनल एवं दानवान फाउंडेशन की और से छत्तीसगढ़ में कई संगठनों ने इस अवसर पर कपड़े ,राशन , फल, बिस्किट, केक, भोजन, एवं पानी जगह जगह जरूरतमंदों को वितरण किया गया । इस अवसर पर रायपुर मोवा स्थित कुष्ठ रोगी बस्ती में संगठन के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर मीडिया सेल मनोज वर्मा जी स्वतंत्र के आदेशानुसार छत्तीसगढ़ पत्रकार जनकल्याण संगठन के एम . डी सेरीमति भामा साहु के निर्देशन में संगठनंके युवा प्रदेशाध्यक्ष दुर्गेश वर्मा कानूनी सलाहकार एडवोकेट श्रीमती वर्षा जैन इंद्राणी निषाद महिला सेल ईश्वर गोड (आकाश) युवा विंग सूरज पटेल पत्रकार एवं साथियों ने प्रथम दस्तक न्यूज चैनल के तत्वधान में संगठन की टीम के साथ मिलकर छत्तीसगढ रायपुर के सभी एरिया में जाकर कंबल ,साड़ी ,राशन, बच्चों को कपड़े ,बड़ों को पैंट शर्ट, एवं पानी वितरण किया गया ।इस अवसर संगठन के संथापक अध्यक्ष मनोज वर्मा जी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा की आने वाले समय में संगठन की ओर से कई कार्यक्रम करवाने का विचार किया जा रहा है जिसके लिए सभी ने कमर कस लिया है रायपुर। निलंबित आईएएस रानू साहू की जमानत याचिका को लेकर बड़ा अपडेट आया है। मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन आज सुनवाई अधूरी ही रह गई। रानू साहू की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी। गौरतलब हे कि पिछले साल अक्टूबर में ईडी ने छत्तीसगढ़ में कई अफसरों और कारोबारियों के घर-दफ़्तर पर छापामारी की थी और आरोप लगाया था कि राज्य में एक संगठित गिरोह कोयला परिवहन में 25 रुपए प्रति टन की वसूली कर रहा है। ईडी के दस्तावेज़ों की मानें तो 15 जुलाई 2020 को इसके लिए सरकारी अधिकारियों ने एक सोची-समझी नीति के तहत आदेश जारी किया और उसके बाद ही अवैध वसूली का सिलसिला शुरू हुआ। ईडी के अनुसार, इस घोटाले में कई कारोबारी, कांग्रेस पार्टी के नेता और अफ़सर शामिल थे और उन्होंने अब तक इस तरीक़े से 540 करोड़ रुपए से अधिक की रक़म अवैध तरीक़े से वसूली की। अदालत में प्रस्तुत दस्तावेज़ों में ईडी ने दावा किया है कि उसने इस संबंध में बड़ी संख्या में डायरी, फ़ोन चैट, लेन-देन के सबूत, करोड़ों रुपए नक़द, सोना, अरबों रुपए की संपत्ति के ब्यौरे और दूसरे दस्तावेज़ जब्त किए। मिथलेश वर्मा बलौदा बाजार प्रथम दस्तक