छत्तीसगढ़ प्रदेश में इन दिनों रेत माफियाओं के हौसले काफी बुलंद हो चुके हैं, रेत माफिया को ना ही राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा (Tank Ram Verma) का डर है और ना ही कलेक्टर का खौफ़, आखिर क्यों रेत माफियाओं के हौसले बुलंद नहीं होंगे? भीतरी सूत्र बताते हैं कि माफियाओं को पूरा संरक्षण जिम्मेदार खनिज अधिकारियों का ही तो मिलता है। जब भी कार्यवाही की बात आती हैं तो खनिज विभाग के अधिकारी अपने आंखों में पट्टी बांध देते हैं जिससे उन्हें दिखायी नहीं देता, और कानों में रुई घुसा कर बैठे हैं जिससे उन्हें सुनाई नही देता। कोई मीडियाकर्मियों द्वारा वीडियो दिखाया जाता है तो साहब कहते हैं की हम वीडियो के आधार पर कार्यवाही नही करते। मौके पर मिलेगी तभी कार्यवाही करेंगे और जब मौके पर फ़ोन लगाओ तो साहब कभी फ़ोन नही उठाते या उठाये भी हैं तो मैं टीम भेज रहा हु कहके फोन काट देते हैं घंटो इंतज़ार के बाद भी खनिज विभाग की टीम नही पहुचती, और हम दावे के साथ बेधड़क बोल सकते हैं कि जब मौके से अधिकारी को जानकारी दिया जाता हैं तब जानकारी सूचना देने वाला और खनिज अधिकारी के पास होता हैं, तो फिर माफियाओं को सूचना कौन देता हैं?? सीधी सी बात है अवैध कार्य करने वालो को अलर्ट वही अधिकारी करते होंगे। अगर गलती से टीम भी पहुच जाए तो वहाँ पहुचने से पहले ही सभी गाड़िया बाहर निकल जाया करती हैं, और यह पहली बार होता तो ठीक ही था पर हर बार ऐसा ही होता हैं इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि पूरी मिलीभगत खनिज विभाग के जासूसों का हैं। इसे भी पढ़े- आचार संहिता में धड़ल्ले से चल रहा अवैध कारोबार?? चैन माउंटेन से निकाला जा रहा अवैध मुरुम, खनिज अधिकारी ने नही उठाया फोन… Illegal Mining In Baloda Bazar Chhattisgarh: बलौदा बाजार जिले में अवैध रेत उत्खनन और खनन माफिया द्वारा महानदी (Mahanadi) का सीना चीर कर अवैध रेट घाट (Illegal rate ghat) चलाया जा रहा था। कलेक्टर केएल चौहान (IAS Kumar Lal Chouhan) से शिकायत के बाद अवैध रेत घाट पर कार्रवाई कार्रवाई हुई है। पलारी एसडीएम (Palari SDM) श्यामा पटेल के नेतृत्व में ग्राम बोदा मोहान पहुंची प्रशासन की टीम ने यह कार्रवाई की है। यह भी देखने को मिला कि बलौदा बाजार के खनिज विभाग को बार-बार शिकायत मिलने के बाद भी खनिज विभाग (Department of Minerals) के अधिकारी अवैध खनन पर न तो संज्ञान लिए और न ही कार्रवाई किए। खनिज विभाग के अधिकारियों के संरक्षण में खनन माफिया फलता फूलता रहा और महानदी का सीना चीरता रहा। खनिज विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने की जगह सोते रहे। वहीं शिकायत और खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन की टीम ने अब पूरे मामले में कार्यवाही करते हुए रेत खनन (Illegal mining) के लिए बनाए गए अस्थाई मार्ग को तोड़ दिया है। सोते रहे खनिज विभाग के अधिकारी पलारी विकासखंड के अंर्तगत ग्राम बोदा मोहान में लगातार हो रहे अवैध रेत निकासी की शिकायतों कलेक्टर केएल चौहान के निर्देश पर मामले की जांच करने एसडीएम श्यामा पटेल के नेतृत्व में प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जहां टीम को महानदी के भीतर रेत से एक अस्थाई मार्ग बना मिला। इसे ग्राम वासियों, सरपंच, पंच, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सचिव, पटवारी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी की उपस्थिति में एक्सीवेटर से तोड़ दिया गया। पहले भी चला था खबर- आखिर कब जागोगे साहब नींद से?? रेत माफियाओं के आतंक लगातार जारी!! महानदी को भूखे भेड़िये की तरह नोच रहें रेत माफियाँ, आखिर कब खुलेगी नींद? क्या दर्ज होगी FIR?? बता दें कि प्रशासन की मौजूदगी में सरपंच ने अवैध घाट से रेत निकालने का कार्य करने वाले कोर्ट खान की जानकारी दी गई है। अब देखने की बात होगी कि इस पर क्या प्रशासन राजस्व वसूली, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और रेत की चोरी पर एफआईआर दर्ज कराती है। या फिर ढाक के तीन पात की तरह प्रशासनिक अधिकारी और कलेक्टर केएल चौहान मौन साध लेंगे। महानदी के भीतर में रेत माफियाओं ने बनाया था पुल और सड़क बता दें कि बोदा के अवैध रेत खदान को संचालित करने में खनन माफिया का साथ ग्राम बोदा और मोहान के कुछ ग्रामीणों ने भी दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों, खनिज विभाग और ग्रामीणों से मिले खनन माफिया को बढ़ावा और संरक्षण ने माफिया नदी से रेत निकालने बकायदा पुल और सड़क का निर्माण कराया गया था। यह भी बात निकलकर सामने आया है कि नदी के तट पर 9 ट्रिप हाईवा भी डंप पाया गया है। इसे भी पढ़े- शराब की ‘होम डिलीवरी’ कराने वाले कांग्रेसी कर रहे हड़ताल!! जानिए कांग्रेस विधायक के इस हड़ताल के पीछे की पूरी सच्चाई? अधिकारी के पहुचने से पहले गायब हो गया चैन माउंटेन समेत सभी गाड़ियां इससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि प्रशासनिक टीम के पहुंचने की सूचना पहले ही रेट माफिया को मिल गई थी, जिससे वह अपने नदी से न सिर्फ चेन माउंटेन मशीन और वाहनों को बाहर निकाल लिया, जो भी हाईवा में रेत था उसे वहीं डंप कर दिया इसके कारण ही एक भी वाहन प्रशासनिक अधिकारियों के पकड़ में नहीं आए। हालांकि प्रशासनिक टीम ने रेत को सरपंच के सपुर्दगी में दिया है। साथ ही साथ एसडीएम ने सरपंच, उपसरपंच और सचिव, पटवारी को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। खनिज विभाग का काम कर रहा राजस्व विभाग बता दें कि बोदा मोहान के सरपंच ने ही अवैध खनन की शिकायत कलेक्टर से की थी। अवैध घाट की जांच करने पहुंची प्रशासन की टीम ने अब सरपंच कोई नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। जबकि अवैध खनन को रोकने की जिम्मेदारी खनिज विभाग के अधिकारियों की है। खनिज विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण पिछले कई दिनों से ग्राम बोदा मोहान में अवैध तरीके से रेट घाट का संचालन कर रेत माफिया सैकड़ो ट्रक रेत का उत्खनन कर लिए हैं। खनिज विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब करने की जगह एसडीएम ने शिकायत करने वाले सरपंच को ही नोटिस जारी कर अब जवाब मांगा गया है। कलेक्टर केएल चौहान ने कहा कि लगातार मिल रहे शिकायतों पर प्रशासन की टीम भेजी गई थी जिसके द्वारा कार्यवाही की गई है। हमारी खबर का असर- chhattisgarhtalk.com की खबर का हुआ असर, दादागिरी करने वाले पुलिस आरक्षक लोमस साहू को SSP ने किया निलंबित Post Views: 125 Post navigation सेक्स स्कैण्डल कांड के आरोपियों को नहीं पकड़ पा रही बलौदाबाजार पुलिस प्रसासन, डेढ़ महीने पहले हुई थी एफआईआर, पुलिस पर उठ रहे सवाल? -sex scandal case In Chhattisgarh सेक्स स्कैंडल के मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर? क्या पकड़ पाएगी……. पढ़िए पूरी रिपोर्ट….. sex scandal case In Chhattisgarh: बलौदाबाजार का चर्चित सेक्स स्कैण्डल कांड के फरार आरोपियों को महीने भर होने के बावजूद पुलिस ने नाकामयाब है मामले को सामने आये लगभग डेढ़ माह से अधिक हो चुका है पर पुलिस कप्तान द्वारा आरोपियों को पकड़ने बनाई गई पांच स्पेशलिस्ट टीम अभी भी घटना के सरगना कहे जाने वाले आरोपियों को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाई है और आरोपी बडे़ मजे से पुलिस को लुकाछिपी के खेल में छकाते नजर आ रहे हैं। 29 मार्च को जब घटना प्रकाश में आई तब आनन फानन में पुलिस ने अधिवक्ता महान मिश्रा को पकड़ बडे़ ही गर्व के साथ पत्रकार वार्ता कर वाहवाही बटोरी। वही घटना में अन्य प्रयुक्त अन्य आरोपियों दुर्गा टंडन, रविना टंडन, व प्रत्युष मैया को पकड़ ली और काफी पुछताछ किया। विभागीय सूत्र बताते हैं कि आरोपियों से पुछताछ में जनप्रतिनिधियों और पुलिस के अधिकारी व जवान का भी नाम आया पर उच्च अधिकारी इन्हें नहीं पकडे़ है। सूत्र यह भी बताते हैं कि जिस दिन पहली बार अधिवक्ता महान मिश्रा से कोतवाली पुलिस पुछताछ कर रही थी उस वक्त शिरीष पांडे थाना आया था और उसके बाद जो फरार हुआ अभी तक बलौदाबाजार पुलिस पकड़ नहीं पाई। इसे भी पढ़े- शिक्षा विभाग के मिलीभगत से चल रहा फर्जी मार्कशीट बनाने का बड़ा खेल, सूचना के अधिकार (RTI) से हुआ खुलासा, पढ़िए हमारी स्पेशल रिपोर्ट फरार चल रहे आरोपी पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा के विधायक प्रतिनिधि रहे शिरीष पाण्डेय, पुष्पमाला फेकर, हीराकली बंजारे, और ज्योति पब्लिक न्यूज़ के संचालक आशीष शुक्ला ये चार मुख्य आरोपियों के नाम है जो अभी भी बलौदाबाजार पुलिस गिरफ्त से बाहर है। बता दें कि सैक्स रैकेट व सेक्स स्कैण्डल मामले में ब्लैकमेलिंग कर लोगों से लगभग 50 लाख रुपय वसूली कर ब्लैक मेलिंग की है sex scandal case In Chhattisgarh: बलौदाबाजार के जिन कथित जनप्रतिनिधियों के नाम आये थे उनको बचाने उच्च स्तर के बड़े जनप्रतिनिधियों का भी दबाव आया जिसके बाद पुलिस कार्यवाही ठंडा पड़ गया और चुनाव आ गया। वही यह भी बताया जा रहा है कि घटना के पूर्व आरोपी गण बकायदा मामले को निपटाने थाना जाया करते थे जिसके बाद होता था मामले को दबाने लेनदेन का खेल जिसमें जनप्रतिनिधि, आरोपी व पुलिस शामिल होती थी। अपनों को बचाने का सौदा: कांग्रेस अध्यक्ष बलौदाबाजार कांग्रेस जिलाध्यक्ष हितेन्द्र ठाकुर ने जिला पुलिस प्रशासन और सत्ता पक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में अपने-अपनों को बचाने का सौदा तय हो चुका है। गिरफ्तार आरोपियों के बयानों में जो नाम सामने आए हैं उन्हें गिरफ्तार करना तो दूर उल्टे उन्हे बचाने में लगे हुए हैं। जांच-बूझकर चालान पेश करने की तय सीमा 90 दिन के बीतने का इंतजार किया जा रहा है ताकि जमानत मिल जाए। sex scandal case In Chhattisgarh: खैर चुनाव निपट गया और अब पुलिस पुनः खोजबीन में जुट गयी है और पुनः आरोपियों के घर खोजबीन करने के नाम पर जाकर खानापूर्ति करते दिखाई दी है। देखना होगा कि निष्पक्षता के साथ जांच कब तक पुरी होती है क्या फरार आरोपी पकड़े जाऐंगे या आरोपी सरेंडर करेंगे यह तो आने वाला वक्त बतायेगा पर अभी कही न कहीं पुलिस पर सवालिया निशान उठ रहा है कि आखिर पुलिस अबतक आरोपियों को क्यों नहीं पकड़ पा रही है। इसे भी पढ़े- रेत माफियाओं के आतंक जारी!! महानदी को भूखे भेड़िये की तरह नोच खा रहें रेत माफियाँ, प्रशासन सोया कुम्भरणीय नींद में, आखिर कब खुलेगी नींद? वही एएसपी अविनाश ठाकुर ने कहा कि आरोपी फरार है पुलिस पडताल कर रही है जल्द पकड़ लिये जायेंगे। पुलिस प्रशासन पर साधा निशाना- रूपेश बलौदाबाजार शहर कांग्रेस अध्यक्ष रूपेश ठाकुर ने भी आरोपियों को पकड़ने में पुलिस की असफलता पर सवाल किया कि मामले का मास्टर मांइड शिरीष पाण्डेय और आशीष शुक्ला, पुष्पमाला फेकर, हीराकली बंजारे अपने परिजनों के संपर्क में है, अलग-अलग मोबाइल नंबरों से वे अपने परिजनों से लगातार बात कर रहे हैं मगर पुलिस इन परिजनों के मोबाइल नंबरों को ट्रैस कर उन तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है। sex scandal case In Chhattisgarh: बलौदाबाजार जिले की पुलिसिंग की बात करे तो यह नया मामला नहीं है नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी एवं पैसा उगाही का आरोपी शिक्षक पुलिस पकड़ से बाहर है। कटगी के शराब दुकान में खुलेआम रूपयों से भरा गायब हुए महीनों बीत गये पर पुलिस के हाथ खाली है। इसे भी पढ़े- बलौदाबाजार जिले में गली मुहल्ले में बेधड़़क बिक रही अवैध शराब….!! दारू कोचियों को किसका मिल रहा संरक्षण?? sex scandal case In Chhattisgarh: लगभग एक साल से अधिक समय हो गये जब श्रमविभाग पर जिंदा आदमी को मृत घोषित कर पैसा निकालने का मामला आया था जिसमें च्वाईस सेंटर संचालक पर पुलिस ने कार्यवाही कर दिया पर श्रम विभाग के अधिकारी की संलिप्तता पर जांच पर मौन नजर आ रही है। ऐसे अनेक मामले है जो ठंडे बस्ते में है जो कहीं न कहीं पुलिस की निश्पक्ष कार्यवाही पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहे हैं। *थाना लवन पुलिस द्वारा ग्राम कुम्हारी में अवैध रूप से शराब बिक्री करने वाले एक शराब कोचिया को किया गया गिरफ्तार आरोपी से कुल 07 लीटर कच्ची महुआ शराब कीमत 1400 रू. किया गया जप्त*