*विधायक श्री साव ने किया आधुनिक सुविधायुक्त अस्पताल का उद्घाटन* मिथलेश वर्मा ब्यूरो चीफ भाटापारा सिमगा शहर में पूर्व सीएमओ डॉक्टर के .आर .सोनवानी जी द्वारा संचालित नवीन समृद्धि अस्पताल का उद्घाटन गुरुवार को स्थानीय विधायक इन्द्र साव ने फीता काटकर किया उद्घाटन के इस मौके पर विधायक साव ने कहा कि सिमगा नगर एवं आसपास के लोगों को इस अस्पताल के खुलने से काफी फायदा होगा डॉक्टर के. आर. सोनवानी डॉक्टरी पेशे से जुड़ा हुआ एक बड़ा नाम है और डॉक्टर साहब सिमगा से ही इस पेशे की शुरुआत की थी। उनका इस क्षेत्र के लोगों से जुड़ाव ही है कि जो सीएमओ जैसे बड़े पद में रहने के बावजूद सिमगा नगर को अपनी सेवाएं देने हेतु पुनः आये है। विधायक साव ने डॉक्टर साहब को धन्यवाद दिया तथा आशा व्यक्त की है स्पर्धा के इस दौर में यह संस्थान गरीब लोगों तथा मेरे क्षेत्र की जनता का अच्छे से सेवा कर सकें तथा स्वास्थ्य लाभ के लिए अब लोगों को रायपुर अथवा अन्य शहर जाने की जरूरत ना पड़े अब सिमगा में इस संस्थान के चलते आकस्मिक इलाज ,ऑपरेशन थिएटर ,मल्टी स्पेशलिस्ट सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। अस्पताल के निदेशक डॉक्टर के .आर .सोनवानी जी ने कहा कि सिमगा मेरे जीवन काल में सबसे लगाव वाला क्षेत्र रहा है तथा मुझे यहां से ही एक पहचान तथा अपनापन मिला था अभी यह शुरुआत है तथा बहुत जल्द इस अस्पताल में मल्टी स्पेशलिस्ट की सुविधा भी उपलब्ध हो सकेंगी सोनवानी ने विधायक साव का आभार व्यक्त किया तथा इस मौके पर सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष अरुण ताम्रकार , भाटापारा ब्लॉक के विधायक प्रतिनिधि दिवाकर मिश्रा, सत्यजीत सेंडे आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। Post Views: 48 Post navigation वेस्ट पदार्थों से बेस्ट सजावटी सामान बनाना सीख रहे बच्चे समर कैम्प में। मिथलेश वर्मा ब्यूरो चीफ बलौदा बाजार बलौदाबाजार के शासकीय पूर्व माध्यमिक नवीन शाला में आयोजित समर कैम्प में छात्र छात्राओं को वेस्ट पदार्थों से बेस्ट सजावटी सामान बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे बच्चों के अंदर छुपी प्रतिभा तो सामने आ रही है साथ ही उनके अंदर घर के साथ शहर को कचरा मुक्त व पर्यावरण को शुद्ध रखने का मनोभाव भी जागृत करने का कार्य स्कूल की शिक्षिकायें कर रही है। शासन के आदेश के बाद जिले के स्कूलों में समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है जहाँ बच्चों को वेस्ट पदार्थों का ऊपयोग कर सजावट के सामान बनाने प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें बच्चे बडे़ ही उत्साह से भाग लेकर सजावटी सामान बनाने के साथ ही मेंहदी लगाना पेंटिंग बनाने सहित अन्य चीजों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। बलौदाबाजार के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में समर कैम्प आयोजित किया गया है जहाँ बच्चे उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं और वेस्ट पदार्थों से घरेलू सजावटी सामान बनाने की कला के साथ ही मेंहदी लगाना पेंटिंग बनाना, पैरदान बनाना के साथ बहुत घर के सजावटी सामान बनाने की कला में पारंगत हो रहे हैं विघालय की प्रधान पाठक एहुति वर्मा ने बताया कि वेस्ट पदार्थों का कैसे ऊपयोग करे इसका यहाँ पर समर कैंप में बताया जा रहा है सुबह 8 बजे से 10 बजे तक क्लास लगती है जहाँ बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाता है। वेस्ट पदार्थों के सदुपयोग से हमारे आसपास कचरा नहीं फैलेगा और पर्यावरण प्रदूषण भी रूकेगा। बच्चे बडे़ ही उत्साह से समर कैम्प में भाग ले रहे हैं। और इस कार्यक्रम से बच्चों के अंदर छुपी प्रतिभा को भी सामने लाने का मौका मिल रहा है। और इसमें हमारे स्कूल के समस्त शिक्षिकाओं का विशेष योगदान है। बच्चों ने बताया कि गर्मी की छुट्टी पर यह कैंप हमारे लिए बहुत ऊपयोग साबित हो रहा है और हम यहाँ पर घर में फेक दिये जाने वाले वेस्ट पदार्थों से सजावट के सामान बनाना सीख रहे हैं इससे घर की सुंदरता तो बढेगी ही भविष्य में हम इससे विक्रय कर आमदनी भी कमा सकते हैं और पर्यावरण की रक्षा भी हो जायेगी। समर कैम्प में हंशिका वर्मा, रेशमी निषाद, अंकिता वर्मा, फाल्गुनी साहू, मीनू सेन, अनमोल केशरवानी, नोहालिका साहू छात्राओं के साथ विघालय की शिक्षिका सुनिता कुशवाहा, कुछ मीनाक्षी यदु, श्रीमती संगीता मिश्रा, श्रीमती किरण टिक रिहा, उपस्थित थे। बलौदाबाजार बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा संस्कार अनुशासन व समय का समायोजन का होना आवश्यक डा संजय पांडेय मिथलेश वर्मा ब्यूरो चीफ बलौदा बाजार बलौदाबाजार के पंडित वाल्मीकि विप्र वाटिका में बच्चों के विकास और उनकी क्षमता को पहचानने तथा पालको का बच्चों के विकास में किस तरह का योगदान हो सके जिसको लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में अंबुजा विघापीठ के प्राचार्य संजय पांडेय उपस्थित थे जिन्होंने बच्चों के विकास को लेकर अपने रिसर्च के माध्यम से पालको को बताया कि बच्चों का सर्वागीण विकास कैसे हो और बच्चों के प्रति हमारे व्यवहार के साथ उनके अंदर छुपी प्रतिभा को कैसे तराशा जाये इस पर विशेष प्रकाश डाला गया। डा पांडे ने बताया कि बालक जब गर्भ में आता है उसी वक्त से उसके सम्पूर्ण शरीर के साथ मस्तिष्क का विकास प्रारंभ हो जाता है ऐसे समय में माताओं को ज्ञानवर्धक पुस्तकों का अध्ययन करने के साथ ही अच्छे और विद्वान लोगों की संगत में बैठना चाहिए और उनके विचारों को सुनना चाहिए। बच्चों के संसार में आते ही जन्म से लेकर आठ वर्ष तक समय गोल्डन समय होता है जहाँ बालक किस क्षेत्र में जायेगा यह पता चल जाता है इस समय में बालक जो अपने मातापिता के साथ परिवार के सदस्यों के आचरण व्यवहार को देखता है वह सीखता है। ऐसे समय में हमे मोबाईल का ऊपयोग कम कर बच्चों के सामने पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए साथ ही बच्चों को भी पुस्तक पढने देना चाहिए, इसके साथ ही एक सकारात्मक वातावरण और विचार घर में लाना चाहिये, इसके साथ हमे स्वयं अनुशासित रहकर बच्चों को अनुशासन सिखाना चाहिए इसके अलावा हमे हमारे धर्म हमारी संस्कृति का ज्ञान देकर उन्हें देवालयों और जिन्हें हम अपना आराध्य मानते हैं वहां लेजाना चाहिए, बडो़ का आदर करना सिखाना चाहिए, इस उम्र में बच्चों के मानसिक विकास का विशेष ध्यान रखना होता है। उम्र बढ़ने के साथ उनकी गतिविधियों को ध्यान रखकर सही और गलत बातों से अवगत कराना चाहिए। साथ ही किसी भी काम को करने का समय निर्धारण होना चाहिए। कारण हम जैसा करेंगे बच्चा वैसा सिखेगा इसलिए स्वयं अनुशासित रहकर शिक्षा और संसकार के साथ आचरण करना चाहिए। उन्होंने मोबाईल के ऊपयोग पर कहा कि आधुनिक युग में इसकी बहुत ज्यादा उपयोगिता है पर कैसे ऊपयोग करें यह स्वयं पर निर्भर करता है। इस अवसर पर कृषक कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, सर्व ब्राह्मण समाज अध्यक्ष श्याम शुक्ला, महिला समाज की अध्यक्ष श्रीमती शैलजा मिश्रा, डा यू के मिश्रा, रमाकांत झा, डा श्रीमती निशा झा, एस पी पांडेय सेवानिवृत्त प्राचार्य, सहित बड़ी संख्या में पालक व बच्चे उपस्थित थे।