मिथलेश वर्मा

बलौदाबाजार-भाटापारा:

देश में तीन पुराने अपराधिक कानूनों को बदलकर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हो गए हैं। इस महत्वपूर्ण बदलाव के उपलक्ष्य में, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में एक दिवसीय “पीड़ित केंद्रित दृष्टिकोण” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, पुलिस स्टाफ, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आमजनों की उपस्थिति रही।

इस अवसर पर सभी थाना चौकी में आयोजित कार्यक्रम में नए कानून के तहत किए गए बदलावों, नियमों और प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के तहत जिले के थाना सिमगा में दर्ज किया गया प्रथम अपराध इस नए कानून का महत्वपूर्ण उदाहरण बना।

पुराने कानून भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और इंडियन एविडेंस एक्ट को प्रतिस्थापित कर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लाए गए हैं। इन नए कानूनों का मुख्य उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक आधुनिक, प्रभावी और पारदर्शी बनाना है, जिससे हर नागरिक को त्वरित और निष्पक्ष न्याय मिल सके।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने नए कानूनों के प्रावधानों की जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि भारतीय दंड संहिता में पूर्व में कुल 511 धाराएं थीं, लेकिन भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं सम्मिलित की गई हैं। इसके साथ ही नए प्रावधानों के तहत शुन्य में एफआईआर, ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने, एसएमएस या ईमेल के माध्यम से सम्मन भेजना और जघन्य अपराध की वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी अनिवार्य की गई है।

जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने न्याय की दिशा में हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। इस नए कानून का उद्देश्य समाज में एक न्यायपूर्ण, समान और सुरक्षित वातावरण स्थापित करना है। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नए कानूनों के महत्व पर प्रकाश डाला और आमजनों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी।

थाना सिमगा में दर्ज किए गए पहले अपराध के अनुसार, प्रार्थी की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 296, 351(3), 115(2), 3(5), 109 के तहत 02 आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया।

इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले के लोगों को नए कानूनों की जानकारी दी गई और यह सुनिश्चित किया गया कि नए कानूनों के तहत त्वरित कार्यवाही से पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में इस पहल के माध्यम से न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

By प्रथम10तक NEWS

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