स्वस्थ कर्मियों ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया सोमवार से सभी 80000 नियमित अनियमित कर्मचारी काम पर लौट जाएंगे इसी के साथ प्रदेश के 9 हजार स्वास्थ्य केंद्रों में 5 दिन से ठप कामकाज फिर से बाहल हो जाएगा स्टाप के अभाव में निजी अस्पतालों के चक्कर काट रहे मरीजों और परिजनों को इस खबर से बड़ी राहत मिली है

24 सूत्री मांगों को लेकर प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी 4 जुलाई से हड़ताल पर थे रविवार को प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने पहले डिप्टी सीएम टी एस सिंह देव बाबा से मुलाकात की उन्होंने कहा कि आर्थिक मांगे वित्त विभाग का मामला है इसे सीएम भूपेश बघेल ही पूरा कर पाएंगे इसके बाद स्वास्थ्य कर्मी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने गए सीएम ने कहा मैं किसान पुत्र हूं तकनीकी मांगे मुख्य सचिव ही समझ पाएंगे इसके लिए आपकी मुख्य सचिव से चर्चा
करवाई जाएगी

भरोसा कायम रखना सरकार की जवाबदारी
सतीश पसेरिया प्रदेश सचिव छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ एवं सुमित दुबे संभागीय अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ

प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांतअध्यक्ष आलोक मिश्रा और महामंत्री अश्वनी गुर्देकर ने कहा सीएम और डिप्टी सीएम का सकारात्मक रवैया देखते हुए हमने भरोसा किया है अब इसे कायम रखना सरकार की जवाबदारी है स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी कभी हड़ताल पर नहीं जाना चाहते हमें पता है की इससे मरीजों को कितनी तकलीफ होती है

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*ग्राम पंचायत मसोरा में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिकों के लिए विधिक जागरूकता शिविर* *प्रथम १० तक न्यूज़ रानू ध्रुव जिला ब्यूरो चीफ कोंडागांव* *कोण्डागांव 01 मई 2026/* अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली/राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के दिशा निर्देशानुसार एवं *माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव श्री खिलावन राम रिंगरी* के मार्गदर्शन एवं *सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव कु० गायत्री साय* के नेतृत्व में *प्रतिधारक अधिवक्ता श्री सुरेन्द्र भट्ट एवं अधिकार मित्र रंजन बैध व लोकेश यादव* के द्वारा ग्राम पंचायत मसोरा में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के श्रमिकों, कृषकों, महिलाओं एवं असंगठित क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों को उनके विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता करना था। कार्यक्रम के दौरान *प्रतिधारक अधिवक्ता श्री सुरेन्द्र भट्ट* ने बताया कि प्रत्येक श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन प्राप्त करने का अधिकार है तथा किसी भी प्रकार के शोषण के विरूद्ध वह विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है। साथ ही न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, कार्यस्थल पर सुरक्षा, बोनस, मातृत्व लाभ, पेंशन योजनाएं तथा श्रमिकों के लिए उपलब्ध विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए, श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल में पंजीयन के लाभों, आयुष्यमान भारत योजना एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही महिला श्रमिकों के लिए विशेष सत्र आयोजन किया गया, जिसमें कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संरक्षण, मातृत्व अवकाश एवं महिला सुरक्षा कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर सरपंच, सचिव व बड़ी संख्या में युवा, महिलाओं एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।