मुंबई समाचार प्रथम 10तक न्यूज ! प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद स्व. मिनीमाता की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर रविवार 10 अगस्त को सतनामी समाज सामाजिक संघ मुंबई के अध्यक्ष श्री एच. आर. पाटले के बोरीवली मुंबई स्थित निवास पर एक दिवसीय पुण्यतिथि एवं ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें देश-विदेश के सामाजिक बुद्धिजीवियों ने ऑनलाइन भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किए। सतनामी समाज सामाजिक संघ मुंबई महाराष्ट्र द्वारा आयोजित इस समारोह में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के कोने-कोने से बड़ी संख्या में समाज के लोग अपने परिवार के साथ शामिल हुए। समारोह की शुरुआत परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी की सामूहिक आरती से हुई, जिसके बाद ममतामयी माँ मिनीमाता के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। दोपहर 2 बजे भोजनोपरांत, स्नेहमयी माँ मिनीमाता – एक असाधारण देवी विषय पर आयोजित ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश-विदेश से आए बुद्धिजीवियों का सतनामी समाज सामाजिक संघ मुंबई महाराष्ट्र के अध्यक्ष श्री एच.आर. पाटले द्वारा स्वागत एवं परिचय कराया गया। “ममतामयी मिनीमाता – एक असाधारण देवी” इस विषय पर सभी ने अपने विचार साझा किए। ममतामयी मिनीमाता जी एक असाधारण व्यक्तित्व की महिला, एक समाज सुधारक थीं, जिन्होंने राजनीति की मुख्यधारा में आकर लोगों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझा और समाज के कल्याण के लिए आगे आईं, शिक्षा, विधवा विवाह और बाल विवाह जैसे विषयों पर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी कार्य किया। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान आकर्षित किया कि स्वच्छता जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है और समाज के कल्याण के लिए कमजोर वर्गों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया। उनका मानना था कि आपसी प्रेम और सद्भाव समाज की प्रगति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और यही अखंड भारत की नींव भी है। मिनी माताजी के इन्हीं विचारों को आगे बढ़ाते हुए सभी वक्ताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किये। संगोष्ठी का शुभारंभ दुबई से ऑनलाइन जुड़े सतनामी एवं सतनाम धर्म विकास परिषद के संस्थापक राजमहंत श्री विष्णु बंजारे सतनामी जी के व्याख्यान से हुआ। उन्होंने *’ममतामयी माँ मिनीमाता एक असाधारण देवी हैं’* विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सतनामी समाज शुरू से ही गुरुप्रधान समाज रहा है और गुरु के मार्गदर्शन पर चलकर ही हम आज इस मुकाम पर पहुँचे हैं, इसलिए सभी को गुरु जी के बताए मार्ग पर चलकर समाज को प्रगति के पथ पर ले जाने और मिनीमाता जी के अधूरे सपने को पूरा करने में अपनी सहभागिता निभाने की आवश्यकता है। मिनीमाता की जन्मभूमि असम की पावन धरती से जुड़े अखिल असम सतनामी केंद्रीय परिषद के महासचिव श्री दीपचंद सतनामी ने माता जी के शुरुआती संघर्षों को याद किया और असम से छत्तीसगढ़ और फिर संसद तक की उनकी यात्रा के बारे में विस्तार से बताया। रायपुर से ऑनलाइन जुड़े वरिष्ठ साहित्यकार, छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माता एवं गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, रायपुर के महासचिव डॉ. जेआर सोनी जी ने मानव कल्याण के लिए माताजी के योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सतनाम आश्रम, कोटवा धाम, जिला बाराबंकी, उत्तर प्रदेश से जुड़े बाबा कमलेश दास जी ने माता जी से जुड़ा एक बहुत ही प्रेरक प्रसंग याद दिलाया, जिससे सभागार कई बार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। तत्पश्चात रायपुर के पुलिस उप महानिरीक्षक श्री एम.आर. अहिरे ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन भर सम्पूर्ण मानव समाज के लिए सेवा भावना से अनेक महान कार्य किए, जिसके कारण पूरा देश उन्हें एक ममतामयी मां के रूप में याद करता है। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए रायपुर से आए पुलिस महानिरीक्षक श्री रतनलाल डांगी जी ने अपने उद्बोधन में स्वर्गीय मिनीमाता जी द्वारा समाज के हर वर्ग के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला तथा समाज को किस प्रकार संगठित किया जाए, जिससे समाज आगे बढ़ सके, इस पर उन्होंने विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग, छत्तीसगढ़ सरकार के अध्यक्ष श्री के.पी. खांडे ने समाज में महिलाओं और बच्चों के बीच शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देने में माताजी द्वारा निभाई गई सशक्त भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। संगोष्ठी में उड़ीसा राज्य सतनामी समाज के अध्यक्ष श्री ज्योतिलाल बंजारे जी ने भी माता जी के बताए मार्ग पर चलकर समाज हित में कार्य करने की सलाह दी। प्रो. डॉ. प्यारेलाल आदिले, प्राचार्य, जय बुद्धदेव महाविद्यालय, कटघोरा, जिला कोरबा, छत्तीसगढ़ ने अपने संबोधन में कहा कि हमें माताजी से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके पदचिन्हों पर चलते हुए एक सशक्त एवं संगठित समाज के निर्माण में भागीदार बनना चाहिए। ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतिम वक्ता के रूप में देश की राजधानी दिल्ली से ऑनलाइन जुड़े हमारे प्रखर वक्ता एवं दिल्ली प्रदेश सतनामी समाज के प्रमुख श्री घनश्याम आगरे ने बड़े विस्तार से बताया कि समाज का एकीकरण किस प्रकार किया जाना चाहिए। यह संगोष्ठी भविष्य में भी इसी प्रकार आयोजित की जाएगी। इसी विचार के साथ अध्यक्ष श्री एच.आर. पाटले ने दिवसीय पुण्यतिथि एवं ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी सामरोह का समापन किया। इस एक दिवसीय समारोह में अध्यक्ष श्री एच.आर. पाटले के अलावा सचिव श्री रमेश मौर्य, कोषाध्यक्ष श्री डी.एस. मांडले, सलाहकार श्री दिलीप बघेल, श्री दिलीप लहरे, कार्यकारिणी सदस्य श्री प्रकाश सोनवानी, श्री शिवकुमार कोसरे, श्री जॉनी जांगड़े, श्री किशन चतुर्वेदी, श्री हरीश पाटले, श्री किशन जाटवर, श्री चन्द्रा सोनवने, श्रीमती दीपा मौर्य, श्री हरि चतुर्वेदी, श्री महेश्वर खरे, श्री लोकेश टंडन, श्री अमित बंजारे, श्री सोनू सोनवानी एवं बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं एवं बच्चे उपस्थित थे. मनोज वर्मा (स्वतंत्र) प्रधान संपादक प्रथम 10तक न्यूज/राष्ट्रीय दैनिक शेट्टी टाईम्स समाचार पत्र मुंबई महाराष्ट्र 8689975743 Post Views: 214 Post navigation “नारी शक्ति का स्वर्ण उत्सव – फुलोरा सोनपरी प्रोजेक्ट” 9 सितंबर को होगा रायपुर छत्तीसगढ़ में भव्य आयोजन। मनोज वर्मा (स्वतंत्र) * छत्तीसगढ़ खरोरा के बेलदार सिवनी निवासी प्रतीक पाटले बने सर्टिफाइड क्रिकेट NIS कोच* राष्ट्रीय अध्यक्ष ( मीडिया) मनोज वर्मा ( स्वतंत्र) ने दी बधाई एवं शुभकामना।