⌈ Post Views: 48 Post navigation ये कोनो आम चिनहा(संगठन) नो हरे ये कोइला ल हीरा बनाथे अऊ दबे आवाज ला दहाडे़ बर सिखाथे। महाज 8 साल म येकर चाहने वाला के संख्या लाख म पहुँच गे हे। ये मा अतका ताकत हे कि बड़े बड़े राजनीति दल मन येला दबाय के बरसक परयास करथे येकर सेनानी मन ल जेल पहुँचाय के काम करथे मगर ये मन ला पता नई होही मनखे ल जेल म धांध सकत हस फेर ओकर विचार ला कभू नई धाँध सकस। ये संगठन लोगन ल बोले के ताकत देथे लड़े के ताकत देथे मगर मोला एक बात के बहुत दुःख लगथे कुछ अइसे अइसे भी आदमी देखे ल मिलथे कि जब ये संगठन ओला कोईला ले हीरा बनाथे तहां वो हीरा ये कारिगर के ही बुराई करे बर धर लेथे। लोगन मन पूछथे मोला कि तोला का मिलथे येकर संग जुड़े हस त कुछु पईसा कउड़ी मिलथे का कि काहीं पद म हस। त मैं शान के साथ बोलथव ना मैं पद म हव अउ ना ही मोला पईसा मिलय बस मिलथे त मोर स्वाभिमान, मोर हक अधिकार, मोर कला संस्कृति के रक्षा, हमर मजदूर भाई मनके हक बर लड़ाई, हमर पुरखा मन के सम्मान देना अउ छत्तीसगढ़ महतारी के अस्मिता के रक्षा करे बर हिम्मत मिलथे। सबो भाई ले निवेदन हे कि कहूं आप पद पईसा बर जुड़त होहू त सादर इही मेर ल बिदा अउ कहूं अपन स्वाभिमान बर जुड़त होहु त जोहार ? भारत के राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के सम्बोधन शांति सरोवर रायपुर छत्तीसगढ़ से ? छात्रों को संदेश धैर्य और कड़ी मेहनत के साथ अपनी रुचि के क्षेत्र में करें प्रयास, कभी निराश न हों! ?सभी को जय जोहार ! पूरी मानवता के कल्याण के लिए ब्रह्मकुमारी परिवार बहुत अच्छा कार्य कर रहा है। मैं इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देती हूँ। सकारात्मक परिवर्तन को लेकर ओडिशा में यह कार्यक्रम शुरू हुआ है! और मैं आज यहाँ आप सभी के बीच में भी हूँ। ? मैं यहाँ पहले ही आ चुकी हूँ। फिर से बुलाने के लिए आप सभी को धन्यवाद। छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया ! ? एक ओर हमारा देश नित-नई ऊंचाइयों को छू रहा है, चांद पर तिरंगा लहरा रहा है या विश्वस्तर खेल में कीर्तिमान रच रहा है। हमारे देशवासी अनेक नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। ? दूसरी ओर एक अत्यंत गम्भीर विषय है कुछ दिन पहले नीट की तैयारी कर रहे दो विद्यार्थियों ने अपने जीवन, अपने सपनों अपने भविष्य का अंत कर दिया। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए बल्कि हमें प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक रूप से लेना चाहिए हार-जीत तो होती रहती है। ? बच्चों का कांपिटिशन का प्रेशर है! जितना जरूरी उनका करियर है। उतना ही जरूरी है कि वे जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकें। ? मुझे लगता है कि इस पाजिटिव थीम की सहायता से हम उन बच्चों की मदद कर सकते हैं जो बच्चे आधी-अधूरी जिंदगी जी कर चले जाते हैं। ? हर बच्चे में अपनी विशिष्ट प्रतिभा है। अपनी रुचि को जानकर इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। ? यह युग साइंटिफिक युग है। अभी के बच्चे बहुत शार्प माइंड के होते हैं। थोड़ा धैर्य कम होता है। हमारे ब्रह्मकुमारी परिवार के सदस्य कई बरसों से इस दिशा में काम कर रहे हैं। ? मेरी आध्यात्मिक यात्रा में भी ब्रह्मकुमारी संस्था ने मेरा बहुत साथ दिया है। जब मेरे जीवन में कठिनाई थी तब मैं उनके पास जाती थी। ? उनका रास्ता कठिन है पर कष्ट सहने से ही कृष्ण मिलते हैं इसलिए धैर्य का जीवन जीना चाहिए। ? कष्ट सहकर ही हम सफलता हासिल कर सकते हैं। ब्रह्मकुमारी का रास्ता मुझे बहुत अच्छा लगा। आप सहजता से काम करते हुए आप अपनी जिंदगी को बेहतर तरीके से जी सकते हैं। जिंदगी जीने की कला वो सिखाते हैं। ? आत्मविश्वास ही ऐसी पूंजी है जिससे हम अपना रास्ता ढूँढ सकते हैं। हम सभी टेक्नालाजी के युग में जी रहे हैं। ? बच्चे आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग की बात कर रहे हैं लेकिन यह भी जरूरी है कि दिन का कुछ समय मोबाइल से दूर रहकर भी बिताएं। ? साइंस और टेक्नालाजी के साथ आध्यात्मिकता को भी जोड़े तो जीवन आसान हो जाएगा। ? जिंदगी को कैसे सफलता से जीये, किस तरह सुख से जीवन जिये, इसका रास्ता बहुत सरल है। ? हम केवल एक शरीर नहीं हैं। हम एक आत्मा हैं। परम पिता परमात्मा का अभिन्न अंग है। धैर्य सुख का रास्ता है। यह कठिन है लेकिन अभ्यास से यह रास्ता भी सहज हो जाता है। ? मैं सभी से कहना चाहती हूं कि अपनी रुचि के साथ सकारात्मक कार्य करते रहिये। ऐसे लोगों के साथ रहिये जो आपको सही रास्ता दिखा सके। ? ब्रह्मकुमारी में सब लोग भारत में ही नहीं दुनिया भर में शांति के लिए कार्य कर रहे हैं। सब शांति के विस्तार के लिए प्रयास कर रहे हैं। ? प्रबल शक्ति से किये गये कार्य से सफलता मिलती है। ये दुनिया को बेहतर बनाने में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। ? छत्तीसगढ़ में आपने जो काम आरंभ किया है मैं उसके लिए आपको बधाई देती हूँ। ? स्वर्णिम युग का स्वप्न जो हम देख रहे हैं रामराज्य के लिए हमें राम बनना होगा, सीता बनना होगा। ?शारीरिक और मानसिक तत्व के लिए ये बहुत जरूरी है। यह केवल ब्रम्हकुमारी में सिखाया जाता है। ??????????