रिपोर्टर रोहित वर्मा लोकेशन खरोरा *संतान की दीर्घायु की कामना को लेकर हलष्ठी का व्रत मनाया गया* खरोरा:- संतान की दीर्घायु एवं सुख समृद्धि की कामना को लेकर मंगलवार को हलषष्ठी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। माताओं ने घर के आंगन में सगरी बनाकर भगवान शिव की विशेष पूजा -अर्चना की तथा पसहर चावल का सेवन का व्रत को पूर्ण किया । यह पर्व भादो शुक्ल पक्ष को प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला हलषष्ठी पर्व खरोरा सहित आसपास ग्रामीण अंचलों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । पूजा पाठ की तैयारी को लेकर आज सुबह से ही जुटी रही तथा बच्चों की सुख समृद्धि एवं दीर्घायु की कामना को लेकर माताओं ने व्रत रखा है । हलषष्ठी के दिन को प्रमुख रूप से भगवान कार्तिकेय का जन्मदिन मनाया जाता है। इस अवसर पर संतान धारी महिलाएं काफी संख्या में व्रत रखते हैं। घर में पूजा पाठ का दौर चलता रहा *पोता मारकर कर दी आशीष* पूजा अर्चना के बाद माताओं ने अपने बच्चों के पीठ पर सात रंग के कपड़ों के टुकडो से निशान लगाकर लंबी उम्र का आशीर्वाद दिया। पूजन सामग्री में समर्पित करने के बाद व्रतधारी माताओं ने पसहर चावल खाकर उपवास तोड़ा तथा भैंस का दूध और दही उपयोग किया । वही नगर के साथ-साथ आज ग्रामीण क्षेत्र में हलषष्ठी का पर्व मनाया गया। पूजा के दौरान महिलाएं पसहर चावल को पकाकर भोग लगाती है साथ ही चावल का सेवन का व्रत तोड़ती है। अन्य पूजन सामग्री का भी महत्व : फूल ,नारियल ,फुलोरी , महुआ , दोना , टोकनी ,लाई छह प्रकार की भाजी का भी पूजा में महत्व है । माता देवकी ने किया था। व्रत मान्यता है की माता देवकी के छह पुत्रों को जब कंस ने मार दिया तब पुत्र की रक्षा की कामना के लिए माता देवकी ने भादो कृष्ण पक्ष को षष्ठी तिथि को षष्ठीदेवी आराधना करते हुए व्रत रखा था । इसी मान्यता के चलते महिलाएं अपने पुत्र की खुशहाली के लिए छठ का व्रत रखती है

ByTeam manoj

Sep 6, 2023

रिपोर्टर रोहित वर्मा लोकेशन खरोरा *संतान की दीर्घायु की कामना को लेकर हलष्ठी का व्रत मनाया गया* खरोरा:- संतान की दीर्घायु एवं सुख समृद्धि की कामना को लेकर मंगलवार को हलषष्ठी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। माताओं ने घर के आंगन में सगरी बनाकर भगवान शिव की विशेष पूजा -अर्चना की तथा पसहर चावल का सेवन का व्रत को पूर्ण किया । यह पर्व भादो शुक्ल पक्ष को प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला हलषष्ठी पर्व खरोरा सहित आसपास ग्रामीण अंचलों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । पूजा पाठ की तैयारी को लेकर आज सुबह से ही जुटी रही तथा बच्चों की सुख समृद्धि एवं दीर्घायु की कामना को लेकर माताओं ने व्रत रखा है । हलषष्ठी के दिन को प्रमुख रूप से भगवान कार्तिकेय का जन्मदिन मनाया जाता है। इस अवसर पर संतान धारी महिलाएं काफी संख्या में व्रत रखते हैं। घर में पूजा पाठ का दौर चलता रहा *पोता मारकर कर दी आशीष* पूजा अर्चना के बाद माताओं ने अपने बच्चों के पीठ पर सात रंग के कपड़ों के टुकडो से निशान लगाकर लंबी उम्र का आशीर्वाद दिया। पूजन सामग्री में समर्पित करने के बाद व्रतधारी माताओं ने पसहर चावल खाकर उपवास तोड़ा तथा भैंस का दूध और दही उपयोग किया । वही नगर के साथ-साथ आज ग्रामीण क्षेत्र में हलषष्ठी का पर्व मनाया गया। पूजा के दौरान महिलाएं पसहर चावल को पकाकर भोग लगाती है साथ ही चावल का सेवन का व्रत तोड़ती है। अन्य पूजन सामग्री का भी महत्व : फूल ,नारियल ,फुलोरी , महुआ , दोना , टोकनी ,लाई छह प्रकार की भाजी का भी पूजा में महत्व है । माता देवकी ने किया था। व्रत मान्यता है की माता देवकी के छह पुत्रों को जब कंस ने मार दिया तब पुत्र की रक्षा की कामना के लिए माता देवकी ने भादो कृष्ण पक्ष को षष्ठी तिथि को षष्ठीदेवी आराधना करते हुए व्रत रखा था । इसी मान्यता के चलते महिलाएं अपने पुत्र की खुशहाली के लिए छठ का व्रत रखती है

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