**बलौदा बाजार में आवारा पशुओं का आतंक**आम जनता आवागमन करने में हो रहे है परेशान मिथलेश वर्मा बलौदा बाजार बलौदा बाजार: शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं की भरमार से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शहर के मुख्य चौराहों, विशेषकर अंबेडकर चौक पर आवारा पशुओं का जमावड़ा आम दृश्य बन चुका है। यहां का ट्रैफिक हमेशा भारी रहता है, लेकिन आवारा पशुओं की उपस्थिति से स्थिति और भी विकट हो गई है। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की उपस्थिति के बावजूद आवारा पशुओं को हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पुलिस कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद वे इन पशुओं को हटाने का कष्ट नहीं करते। नगर पालिका भी इस समस्या को नजरअंदाज कर रही है, हालांकि कुछ दिनों से नगर पालिका द्वारा आवारा पशुओं को पकड़ने का काम शुरू किया गया है। लेकिन यह कार्य भी पूरी ईमानदारी और तत्परता के साथ संपन्न होता हुआ नहीं दिख रहा है। इससे शहर की सड़कों पर लोगों के लिए वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। वाहन चालकों को कभी-कभी अपनी गाड़ियों को रोककर पशुओं को हटाने के बाद ही आगे बढ़ना पड़ता है। इस स्थिति में गंभीर दुर्घटनाओं की संभावनाएं लगातार बनी रहती हैं। स्थानीय निवासी इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नगर पालिका और ट्रैफिक पुलिस को मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए ताकि आवारा पशुओं से मुक्त होकर सड़कों पर सुगम यातायात व्यवस्था बहाल हो सके। नगर पालिका के अधिकारी बताते हैं कि पशुओं को पकड़ने का काम जारी है और जल्द ही शहर को आवारा पशुओं से मुक्त किया जाएगा। लेकिन जब तक यह प्रयास पूरी तरह से सफल नहीं होते, तब तक शहरवासियों को इस समस्या से जूझना पड़ेगा। बलौदा बाजार में आवारा पशुओं की समस्या और उससे उत्पन्न ट्रैफिक की स्थिति एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। इसे हल करने के लिए प्रशासन को शीघ्र ही प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। प्रथम दस्तक न्यूज़ चैनल माता कुंती देवी मीडिया हाउस विधानसभा रोड लक्ष्मी नगर मोवा रायपुर छत्तीसगढ़ 8689975743 Post Views: 194 Post navigation // श्रावण मास का शुभारंभ कल से शिवालयों में लगेंगी भीड़ // मिथलेश वर्मा बलौदा बाजार श्रावण मास के शुभारंभ के साथ ही शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। आज, 22 जुलाई को श्रावण मास का कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि है, जो सोमवार के दिन प्रारंभ हो रही है। यह संयोग अत्यंत शुभ माना जा रहा है, क्योंकि श्रावण मास का अंतिम दिन भी सोमवार को पड़ रहा है। इस प्रकार का दुर्लभ संयोग भक्तजनों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। श्रावण मास का महत्व विशेष रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से है। इस मास के दौरान भगवान शिव की पूजा-अर्चना अत्यंत फलदायी मानी जाती है। श्रावण सोमवार के उपवास से जीवन में सुख, समृद्धि और तरक्की की संभावना बढ़ जाती है। भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है। श्रावण मास के दौरान भगवान शिव को चढ़ाए जाने वाले पूजा सामग्री जैसे अक्षत, सफेद फूल, चंदन, भांग, धतूरा, गाय का दूध, पंचामृत, सुपारी और बेलपत्र का विशेष महत्व होता है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है, जिसे करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। **भक्तों के लिए विशेष निर्देश:** – भगवान शिव को घी और शक्कर का भोग समर्पित करें। – मांस और मदिरा जैसे चीजों से दूर रहें। – ब्रह्मचर्य का पालन करें। – केकती के फूलों का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे भगवान शिव नाराज होते हैं। – तुलसी और नारियल का पानी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए। – भगवान शिव को कांस्य और पीतल के बर्तन से जल चढ़ाएं। श्रावण मास की प्रतिपदा तिथि से ही सभी मंदिरों और शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। भक्तजन कावड़ यात्रा निकालकर भगवान शिव को जल चढ़ाते हैं। खासकर बलौदा बाजार, लवन, कसडोल क्षेत्र के शिव भक्त खरोद धाम और सिरपुर धाम के लिए पदयात्रा करते हुए कावड़ यात्रा निकालते हैं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि श्रावण सोमवार के व्रत और पूजा से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। इसलिए, शिव भक्त बड़ी संख्या में शिवालयों में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इस प्रकार, श्रावण मास का शुभारंभ भगवान शिव के भक्तों के लिए विशेष महत्व और आस्था का प्रतीक है। हर कोई भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए इस शुभ अवसर का लाभ उठाने में जुटा हुआ है। *सर्वस्पर्शी व सर्वसमावेशी बजट*.. *टेसूलाल धुरंधर*