Category: Uncategorized

दुरुग | छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के को देखते हुए छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने पुरे 90 के 90 विधानसभा में छत्तीसगढ़ियावादी को ही विधायक बनाने के लिए कमर कसी हुई है , इसी के मद्देनजर प्रदेश कोर कमेटी द्वारा विभिन्न जिले में ताबड़तोड़ दौरा किया किया जा रहा है । साथ ही संगठन में कसावट लाने प्रभारी को भी बदला गया है । संगठन द्वारा विभिन्न जिले के शीर्ष पदाधिकारियों को अन्य जिले का प्रभार दिया गया है । जिसके तहत रायपुर जिला से युवा प्रदेश महामंत्री व जिला युवा अध्यक्ष गोपी साहू का आगमन जिले के अंतरगत सर्वप्रथम खुर्सीपार में हुआ जहा गोंडवाना भवन में हुए बैठक में यहां से छत्तीसगढ़िया वादी प्रत्यासी को ही इस बार विधानसभा में जिताकर भेजने का संकल्प लिया गया। साथ ही विधानसभा के सेनानियो से संगठन मजबूती पर भी जोर दिया गया.

प्रेस नोट छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने पचास विधानसभा क्षेत्रों में उतारे प्रभारी चुनाव के मद्देनजर कर रहे हैं आकलन कार्य दमदार छत्तीसगढ़ियों को भेजा जाएगा सदन विगत आठ वर्षों से लगातार छत्तीसगढ़ियावाद के लिये संघर्षरत संगठन छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने इस बार अपना मजबूत राजनैतिक विंग तैयार कर लिया है । क्रान्ति सेना का कहना है कि छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के हक अधिकार की जमीनी लड़ाई लड़ते हुए हमलोग लगातार जेल जाते रहे, प्रताड़ना सहते रहे और प्रदेश में छत्तीसगढ़ियावाद को केंद्रीय मुद्दा बनाने में सफल रहे । लेकिन वास्तविकता में दोनो राष्ट्रीय दल के नेता वोट बटोरने के लिये ही छत्तीसगढ़ियावाद का मुखौटा लगाकर घूमते नजर आ रहे हैं । सदन को गुमराह करते हैं और हर क्षेत्र में गैर छत्तीसगढ़िया बाहरी लोगों को हमारी धरती में हमारे सिर के उपर स्थापित करने की ठेकेदारी ही कर रहे हैं । ऐसे में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना अपने बड़े बुजुर्गों के आदेश और हताश-निराश छत्तीसगढ़िया युवाओं के कातर आह्वान पर इस प्रदेश के नीति-निर्धारण को अपने मजबूत छत्तीसगढ़िया कंधो में थामने के लिए छाती ठोंक कर निकल चुकी है । पहली सूची के अनुसार पंद्रह जिलों के पचास से अधिक विधानसभाओं के मूल्यांकन और खंड़-गुड़ी-पार की अवधारणा के साथ बूथ लेवल तक की सुनिश्चितता के लिए मूल संगठन के राजनैतिक विंग द्वारा चयनित और प्रशिक्षित तीस जिला प्रभारी एवं उप प्रभारी अपने निर्देशित जिलों के लिये कूच कर चुके हैं । बाकी बचे जिलों के लिये द्वितियक सूची का निर्माण हो रहा है । छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश संयोजक ने बताया कि हम कभी नहीं चाहते थे कि राजनीति में आएं । राजनीति ही अगर मंजिल होती तो हम आठ साल पहले ही चुनावी समर में कूद चुके होते लेकिन छत्तीसगढ़ियों का शोषण वक्त-दर-वक्त बरदाश्त से बाहर होने लगा है , हमारे जैसे मूल निवासी समर्थक संगठन के उपर हो रहा प्रशासनिक उत्पीड़न चरम पर जाने लगा है । अब हमें प्रदेश के उच्च सदन छत्तीसगढ़ विधानसभा में अमीर धरती के कंगाल कर दिये गये छत्तीसगढ़िया लोगों की करुण पीड़ा की आवाज पहुंचाने के लिये खुद वहां तक पहुंच कर सत्ता की मशाल लिजलिजे लोगों से छीनकर खुद के हाथों में थामना होगा । छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना

प्रदेश अध्यक्ष भोजपुरी समाज श्री एम एन पांडे जी एवं वरिष्ठ महामंत्री जेपी सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष रेसलिंग रेसलिंग छत्तीसगढ़ जेपी सिंह जी के द्वारा 15 अगस्त और 16 अगस्त को भोजपुरी भवन रावतभाटा में प्रदेश स्तर का रेसलिंग कराया गया था जिसमें 350 बच्चे भाग लिए थे जो बच्चे गोल्ड मेडल जीते थे वह सभी बच्चे रोहतक हरियाणा गए थे जिसमें से 7 बच्चे गोल्ड सिल्वर ब्रांच मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ और भोजपुरी समाज का नाम रोशन किए हैं

लोकेशन नारायणपुर लब डब प्ले स्कूल के नन्हे बच्चों ने मनाया कृष्ण जन्माष्टमी* *नारायणपुर:-* लब डब प्ले स्कूल में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर कक्षा नर्सरी से पांचवी तक के बच्चों ने रंग बिरंगे परिधानों में राधा कृष्ण की झांकी प्रस्तुत की। उन्हे इस पर्व के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। तथा मटकी फोड़ तथा माखन खिलाओ प्रतियोगिता आयोजन किया गया। कार्यक्रम की प्रारंभ कृष्ण जी के पूजा अर्चना से हुआ। डायरेक्टर विक्रम हलदार ने कहा कि कृष्ण जी ने कर्म को प्रधानता दी है। हमें अच्छे कर्म करना चाहिए। हम अच्छे कर्म करेंगे तो फल भी अच्छा ही मिलेगा। मटकी फोड़ व दही लूट के पीछे भी यही कारण है कि हम संतुलन व एकाग्रता से अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। स्कूल के डायरेक्टर ने आगे कहा कि हमे अपने अंदर बैठे अंहकार रुपी कंस का वध करना होगा तभी सही रुप से कंस वध होगा। भगवान ने संदेश दिया है कि हर व्यक्ति को अपना कर्म करते रहना चाहिए। फल की चिता नहीं करनी चाहिए। निष्काम भाव से किया गया कर्म ही सत्य कर्म होता है। इस प्रकार स्कूल के डायरेक्टर विक्रम हलदार ने बच्चों को बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी क्यों मनाया जाता है। इसके पश्चात उपस्थित स्कूल के छोटे बच्चों ने राधा-कृष्ण की वेश भुषा में सुंदर नृत्य किया।आंख में पट्टी बांध कर मटकी फोड़ने तथा श्रीकृष्ण जी को माखन खिलाने का कार्यक्रम आयोजित हुआ।

रिपोर्टर रोहित वर्मा लोकेशन खरोरा *श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाया गया* खरोरा- स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्य. विद्यालय खरोरा में विद्यालय स्तर पर भव्य रूप से कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम बडे हर्षोउल्लास से सम्पन्न हुआ। इसमें कक्षा अरूण उदय के भैया बहनों ने श्रीकृष्ण वेशभूषा में कक्षा प्रथम व द्वितीय के भैया / बहनों ने श्रीराधाकृष्ण वेशभूषा में भाग लिये। कक्षा तृतीय से चतुर्थ तक के भैया बहनों ने राधाकृष्ण नृत्य में हिस्सा लिये कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य रण अतिथि डॉ. दुर्गा चरण सामल ( कृष्णा हॉस्पिटल खरोरा) विशिष्ट अतिथि नारायण प्रसाद देवांगन, अध्यक्षता प्राचार्य अश्वनी पाटकर के द्वारा श्री कृष्ण के छायाचित्र पर द्वीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अतिथियों का परिचय प्राचार्य के द्वारा कराया। गया एवं स्वागत विद्यालय के आचार्यों द्वारा किया गया। कार्यक्रम के उपरांत अतिथियों द्वारा श्रीकृष्ण, श्रीराधाकृष्ण एवं राधाकृष्ण नृत्य वेशभूषा में भाग लिए भैया बहनों को पुरस्कार वितरण किया गया विद्यालय के प्राचार्य ने अतिथियों को कार्यक्रम में उपस्थित होने पर उनका आभार व्यक्त किया। जिसमे कक्षा अरुण से कक्षा चतुर्थ तक के 150 भैया/ बहनों ने भाग लिए। कार्यक्रम के अंत में भगवान श्रीकृष्ण की आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में आचार्य / भगिनी व भैया/बहिन एवं अभिभावक गण उपस्थित रहे।

लोकेशन नारायणपुर रिपोर्टर विक्रम हालदार *जिला अधिवक्ता संघ जिला नारायणपुर के समस्त अधिवक्तागण 01 दिवसीय सामुहिक आंदोलन पर* नारायणपुर:-* अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम, अधिवक्ता मृत्यु दावा 10 लाख रूपये करने एवं अधिवक्ताओं के परिवार का सामुहिक बीमा करवाने के मांग को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित करने छ0ग0 के समस्त जिले के अधिवक्ता संघ के अधिवक्तागण व जिला अधिवक्ता संघ जिला नारायणपुर के समस्त अधिवक्तागण 01 दिवसीय सामुहिक आंदोलन पर उतरे हैं। जिस कारण उपरोक्त मांगों की पूर्ति हेतु सामुहिक आंदोलन के समर्थन में दिनांक 04/09/2023 को जिला अधिवक्ता संघ जिला नारायणपुर के समस्त अधिवक्तागण 01 दिवस के लिये न्यायालय के कार्यो से सामुहिक रूप से अनुपस्थित थे।

रिपोर्टर रोहित वर्मा लोकेशन खरोरा *संतान की दीर्घायु की कामना को लेकर हलष्ठी का व्रत मनाया गया* खरोरा:- संतान की दीर्घायु एवं सुख समृद्धि की कामना को लेकर मंगलवार को हलषष्ठी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। माताओं ने घर के आंगन में सगरी बनाकर भगवान शिव की विशेष पूजा -अर्चना की तथा पसहर चावल का सेवन का व्रत को पूर्ण किया । यह पर्व भादो शुक्ल पक्ष को प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला हलषष्ठी पर्व खरोरा सहित आसपास ग्रामीण अंचलों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । पूजा पाठ की तैयारी को लेकर आज सुबह से ही जुटी रही तथा बच्चों की सुख समृद्धि एवं दीर्घायु की कामना को लेकर माताओं ने व्रत रखा है । हलषष्ठी के दिन को प्रमुख रूप से भगवान कार्तिकेय का जन्मदिन मनाया जाता है। इस अवसर पर संतान धारी महिलाएं काफी संख्या में व्रत रखते हैं। घर में पूजा पाठ का दौर चलता रहा *पोता मारकर कर दी आशीष* पूजा अर्चना के बाद माताओं ने अपने बच्चों के पीठ पर सात रंग के कपड़ों के टुकडो से निशान लगाकर लंबी उम्र का आशीर्वाद दिया। पूजन सामग्री में समर्पित करने के बाद व्रतधारी माताओं ने पसहर चावल खाकर उपवास तोड़ा तथा भैंस का दूध और दही उपयोग किया । वही नगर के साथ-साथ आज ग्रामीण क्षेत्र में हलषष्ठी का पर्व मनाया गया। पूजा के दौरान महिलाएं पसहर चावल को पकाकर भोग लगाती है साथ ही चावल का सेवन का व्रत तोड़ती है। अन्य पूजन सामग्री का भी महत्व : फूल ,नारियल ,फुलोरी , महुआ , दोना , टोकनी ,लाई छह प्रकार की भाजी का भी पूजा में महत्व है । माता देवकी ने किया था। व्रत मान्यता है की माता देवकी के छह पुत्रों को जब कंस ने मार दिया तब पुत्र की रक्षा की कामना के लिए माता देवकी ने भादो कृष्ण पक्ष को षष्ठी तिथि को षष्ठीदेवी आराधना करते हुए व्रत रखा था । इसी मान्यता के चलते महिलाएं अपने पुत्र की खुशहाली के लिए छठ का व्रत रखती है

छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के महिला छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के जिला अध्यक्ष ने आक्रोश भरे स्वर में शासन प्रशासन को घेरते हुए कलेक्टर कार्यालय में उन दस लड़कों को जिंदा जलाने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में सेनानी बहनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंचे लेकिन कलेक्टर महोदय अपने कार्यालय से नदारद होने के कारण सेनानियों और पुलिस के साथ कहा सुनी, धक्का मुक्की,होना पड़ा , सेनानी बहनों की एक ही जिद्द थी की ज्ञापन सिर्फ और सिर्फ कलेक्टर महोदय के हाथ में देकर उनको दोनो बहनों के न्याय की गुहार लगाएंगे,मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ , कलेक्टर महोदय का 2 घंटे इंतजार करने के बाद भी नही आने पर छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार रायपुर के कलेक्टर कार्यालय के परिसर में पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में ज्ञापन को जला दिया और उसके बाद बहनों को अगर न्याय नही मिलता है तो हम अपने तेवर के हिसाब से न्याय दिलाने की बात कही । इस अवसर पर जिलाध्यक्ष लक्ष्मी नाग, ऋचा वर्मा,उषा श्रीवास एवं समस्त महिला छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की उपस्थिति में बात कही।

? भारत के राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के सम्बोधन शांति सरोवर रायपुर छत्तीसगढ़ से ? छात्रों को संदेश धैर्य और कड़ी मेहनत के साथ अपनी रुचि के क्षेत्र में करें प्रयास, कभी निराश न हों! ?सभी को जय जोहार ! पूरी मानवता के कल्याण के लिए ब्रह्मकुमारी परिवार बहुत अच्छा कार्य कर रहा है। मैं इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देती हूँ। सकारात्मक परिवर्तन को लेकर ओडिशा में यह कार्यक्रम शुरू हुआ है! और मैं आज यहाँ आप सभी के बीच में भी हूँ। ? मैं यहाँ पहले ही आ चुकी हूँ। फिर से बुलाने के लिए आप सभी को धन्यवाद। छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया ! ? एक ओर हमारा देश नित-नई ऊंचाइयों को छू रहा है, चांद पर तिरंगा लहरा रहा है या विश्वस्तर खेल में कीर्तिमान रच रहा है। हमारे देशवासी अनेक नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। ? दूसरी ओर एक अत्यंत गम्भीर विषय है कुछ दिन पहले नीट की तैयारी कर रहे दो विद्यार्थियों ने अपने जीवन, अपने सपनों अपने भविष्य का अंत कर दिया। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए बल्कि हमें प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक रूप से लेना चाहिए हार-जीत तो होती रहती है। ? बच्चों का कांपिटिशन का प्रेशर है! जितना जरूरी उनका करियर है। उतना ही जरूरी है कि वे जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकें। ? मुझे लगता है कि इस पाजिटिव थीम की सहायता से हम उन बच्चों की मदद कर सकते हैं जो बच्चे आधी-अधूरी जिंदगी जी कर चले जाते हैं। ? हर बच्चे में अपनी विशिष्ट प्रतिभा है। अपनी रुचि को जानकर इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। ? यह युग साइंटिफिक युग है। अभी के बच्चे बहुत शार्प माइंड के होते हैं। थोड़ा धैर्य कम होता है। हमारे ब्रह्मकुमारी परिवार के सदस्य कई बरसों से इस दिशा में काम कर रहे हैं। ? मेरी आध्यात्मिक यात्रा में भी ब्रह्मकुमारी संस्था ने मेरा बहुत साथ दिया है। जब मेरे जीवन में कठिनाई थी तब मैं उनके पास जाती थी। ? उनका रास्ता कठिन है पर कष्ट सहने से ही कृष्ण मिलते हैं इसलिए धैर्य का जीवन जीना चाहिए। ? कष्ट सहकर ही हम सफलता हासिल कर सकते हैं। ब्रह्मकुमारी का रास्ता मुझे बहुत अच्छा लगा। आप सहजता से काम करते हुए आप अपनी जिंदगी को बेहतर तरीके से जी सकते हैं। जिंदगी जीने की कला वो सिखाते हैं। ? आत्मविश्वास ही ऐसी पूंजी है जिससे हम अपना रास्ता ढूँढ सकते हैं। हम सभी टेक्नालाजी के युग में जी रहे हैं। ? बच्चे आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग की बात कर रहे हैं लेकिन यह भी जरूरी है कि दिन का कुछ समय मोबाइल से दूर रहकर भी बिताएं। ? साइंस और टेक्नालाजी के साथ आध्यात्मिकता को भी जोड़े तो जीवन आसान हो जाएगा। ? जिंदगी को कैसे सफलता से जीये, किस तरह सुख से जीवन जिये, इसका रास्ता बहुत सरल है। ? हम केवल एक शरीर नहीं हैं। हम एक आत्मा हैं। परम पिता परमात्मा का अभिन्न अंग है। धैर्य सुख का रास्ता है। यह कठिन है लेकिन अभ्यास से यह रास्ता भी सहज हो जाता है। ? मैं सभी से कहना चाहती हूं कि अपनी रुचि के साथ सकारात्मक कार्य करते रहिये। ऐसे लोगों के साथ रहिये जो आपको सही रास्ता दिखा सके। ? ब्रह्मकुमारी में सब लोग भारत में ही नहीं दुनिया भर में शांति के लिए कार्य कर रहे हैं। सब शांति के विस्तार के लिए प्रयास कर रहे हैं। ? प्रबल शक्ति से किये गये कार्य से सफलता मिलती है। ये दुनिया को बेहतर बनाने में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। ? छत्तीसगढ़ में आपने जो काम आरंभ किया है मैं उसके लिए आपको बधाई देती हूँ। ? स्वर्णिम युग का स्वप्न जो हम देख रहे हैं रामराज्य के लिए हमें राम बनना होगा, सीता बनना होगा। ?शारीरिक और मानसिक तत्व के लिए ये बहुत जरूरी है। यह केवल ब्रम्हकुमारी में सिखाया जाता है। ??????????

*दिखावे से परमात्मा को प्राप्त करने का प्रयास न करें- पंडित प्रदीप मिश्रा* खरोरा;—बालोद जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम जुगेरा में मणिलिंग शिव महापुराण कथा के चौथे दिन अपार भीड़ को संबोधित करते हुए प्रख्यात कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मुक्ति पाने के लिए लोग बहुत प्रयास करते हैं, लेकिन सबसे जरूरी है भक्ति पाने का प्रयास करना। उन्होंने कहा इंद्रियों के माध्यम से भगवान की अविरल भक्ति को प्राप्त करें। दिखावे से परमात्मा को प्राप्त करने का प्रयास नहीं करें बल्कि मन, हृदय की पवित्रता, दिल की शुद्धता से भगवान को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने लोगों के दुखों के कारण को बताते हुए कहा इस मृत्यु लोक में हमे पूर्व में किये गए कर्म का फल भोगना पड़ता है। सोमवार को चौथे दिन कथा सुनने लगभग चार लाख लोग पहुंचे । पूरा नी पंडाल खचाखच भरा हुआ था। इसके बाद भी बाहर हजारों लोग कड़ी धूप में छाता लेकर बैठे रहे, जिसको जहां जगह मिली वहीं पर बैठकर कथा का आनंद लिया। *राजनीति के चक्कर में धर्म को खिलौना बनाया जा रहा* उन्होंने जीवन में एक संकल्प व नियम को धारण करने की बात कही और कहा आज राजनीति के चक्कर में धर्म को खिलौना बनाया जा रहा है और सनातन धर्म से खेला जा रहा है। उन्होंने कहा चंद्रयान जहां पर उतरा उस जगह को शिव शक्ति नाम दिया गया है। यह हमारे वेद पुराण और विज्ञान की देन है। जो कहीं न कही शिव भक्ति का बल है । *ट्रेन में पैर रखने की जगह नहीं** कथा प्रारंभ होने के पहले रायपुर से दोपहर 12 बजे बालोद एक ट्रेन आती है। इस ट्रेन में पैर रखने की जगह नहीं होती है। लोग खचाखच भरे होते हैं इसी तरह कथा समाप्ति के बाद वापसी के लिए श्रद्धालुओं को शाम 7:30 बजे दुर्ग जाने के लिए ट्रेन मिल रही है। इस कारण बालोद आने वाली और शाम को दुर्ग जाने वाली ट्रेन में पैर रखने की जगह नहीं है। इसके अलावा बालोद शहर से होकर गुजरने वाली सभी बसों में भी खूब भीड़ चल रही है। *कथा पंडाल पर रात में करते हैं भजन* कथा पंडाल में रुके हुए श्रद्धालु रात में भजन कीर्तन कर कर अपना समय काट रहे हैं। उनमें से कुछ लोग ऐसे हैं जो प्लास्टिक की बाल्टी को वाद्य यंत्र बनाकर भगवान भोलेनाथ की भजन कर रहे हैं। पूरे पंडाल में जगह-जगह लोग समूह बनाकर भजन कर रहे हैं। नाच गा कभी रहे हैं। वहीं कई लोग बड़े आराम से चैन की सुन रहे हैं। न नींद भी सो रहे हैं। *जगह-जगह जलपान की व्यवस्था* कथा में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अनेक स्थानों व जुंगेरा कथा स्थल के आसपास है जलपान की व्यवस्था की गई है। कथा पंडाल पर रुके हुए श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा बिस्किट नाश्ते की व्यवस्था की जा रही है। वही सुबह से उनके लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था कर रहे हैं। ब्राह्मण समाज द्वारा जुगेरा में सभी लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की रखी गईहैं । इसके अलावा कथा पंडाल पर देवांगन समाज द्वारा और डड़सेना परिवार द्वारा निशुल्क चाय नाश्ते की व्यवस्था की गई है। *प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं श्रद्धालुओं की संख्या* पहले दिन लगभग 2 लाख और दूसरे दिन 3 लाख से अधिक लोक कथा सुनने पहुंचे। उसे हिसाब से अंदाज लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या 5 लाख पहुंच सकती है। लोग पंडाल के बाहर भी कड़ी धूप में कथा सुन रहे हैं। जहां भी जगह मिल रही है लोग खड़े होकर या बैठकर कथा सुन रहे हैं । *सुबह 8: बजे पहुंच रहे हैं कथा भक्त कथा सुनने* भक्तों में इतना उत्साह है कि सुबह 8:00 बजे से कथा स्थल पहुंच रहे हैं बता दे हैं कथा लगभग दोपहर 2:30 बजे शुरू होता है भक्ति गण 6 घंटा कथा सुनने के इंतजार करते हैं। उसके बाद भी उनके उत्साह में कोई कमी नहीं है।

You missed